सीखिए On-Page SEO क्या है और कैसे करते हैं

On-Page SEO! क्या आपको ये बहुत ही ज्यादा कठिन और उलझा हुआ है? अगर हाँ तो आप आज सही जगह पर आएं हैं क्यूंकि मै गारंटी लेता हूँ की जब आप इस पेज को छोड़ कर जायेंगे तो आप On-Page SEO में एक्सपर्ट होंगे।

बहुत से नए ब्लोग्गेर्स को On-page SEO का महत्त्व पता नहीं होता इसीलिए उनके आर्टिकल्स गूगल में रैंक नहीं करपाते हैं. लेकिन आपको यह समझना होगा की अगर आपने अपने आर्टिकल का सही से On-Page SEO नहीं किया है तो वो कभी भी रैंक नहीं कर पाएगा।

SEO दो प्रकार का होता है. एक होता है On-Page SEO  और दूसरा होता है Off -Page SEO. इस पोस्ट में हम On-Page SEO की बात करेंगे।

On-Page SEO  वो होता है जो आप अपने ब्लॉग पर करते हैं। जैसे की SEO-Optimized पोस्ट लिखना, उसको अच्छे से व्यवस्थित करना। आसान भाषा में कहूं तो SEO -Optimized पोस्ट लिखना ही On-Page SEO होता हैं।

इस पोस्ट में हम यही जानेंगे की SEO -friendly आर्टिकल कैसे लिखते हैं। मैं इस पोस्ट को लिखूंगा भी और साथ-साथ ही इसका on-page SEO भी करता जाऊंगा। इसके लिए मैंने Yoast SEO Plugin का use किया है।

On-Page SEO Kaise Kare In Hindi

On -Page SEO में हमे इन को ऑप्टिमाइज़ करना पड़ता है.

1. Title (आपकी पोस्ट का टाइटल )

2. Focus Keyword (वो कीवर्ड जिसपर आप अपनी पोस्ट रैंक करवाना चाहते हो )

3. Heading Tags (आपकी पोस्ट में जो headings इस्तेमाल हुई हैं )

4. Images SEO (जो images आपने इस्तेमाल की हैं उनका SEO )

5. Internal Links (इंटरनल लिंकिंग )

6. Post Length (आपके पोस्ट की लेंथ )

7. Meta Description (मेटा डिस्क्रिप्शन )

8. Slug 

सबसे पहले हम title के बारें में जानेंगे:

1. Title

आपके पोस्ट का title On -page SEO में बहुत important होता है। जब भी आप अपनी पोस्ट लिखे तो ध्यान रखें की आपके पोस्ट का title एक दम accurate और आकर्षक हो. अगर आपका title आकर्षक है तो लोग आपकी लिंक पर click करें इसके chances बढ़ जायँगे। अगर आपका title आकर्षक होगा तो लोग आपकी लिंक पर click करें इसके chances काफी बढ़ जायेंगे। 

मैं आपको एक example देके समझाता हूँ। मानलो मैंने एक पोस्ट “अपने ब्लॉग पर ट्रैफिक लाने के टॉप 10 तरीके” पर लिखी और मैंने उसका title यह रखा “अपने ब्लॉग पर ट्रैफिक लाने के टॉप 10 तरीके, पाचंवा तरीका देखना न भूलें” . अब जो भी इस को देखेगा तो वो इसे जरूर देखना चाहेगा की वो पांचवा तरीका कौनसा है जो मेरे ब्लॉग पर बहुत सारा ट्रैफिक ले आएगा।

हालांकि आपको इतना बड़ा टाइटल नहीं रखना है, मैंने आपको एक example के तौर पर बताया है. आप title को हमेशा short रखें क्यूंकि यह भी एक ranking signal होता है. आप अपने title को हमेशा 60 characters (अक्षर) से छोटा ही रखें। अगर आपका title इससे अधिक बड़ा है तो हो सकता है की वो आपकी रैंकिंग पर bad effect करें।

Title में अपने focus keyword को इस्तेमाल करना कभी न भूले। जैसे की मैंने इस पोस्ट के title में अपना focus keyword “On-Page SEO” use किया है।

 2. Focus Keyword

चलिए अब बात करते है “Focus Keyword” की।

Focus Keyword क्या  है ?

अपनी पोस्ट को rank करने  लिए focus keyword बहुत ही जरूरी होता है। Focus Keyword वो word होता है जिसपर आपकी post आधारित होती है। जैसे की मैंने  अपना focus keyword “On-Page SEO” रखा है. इस पर ही मेरी पूरी पोस्ट आधारित है।

बिना किसी keyword के post लिखना मानिये अधूरा है क्यूंकि अगर आप ऐसे टॉपिक पर post लिख रहे है जिसे कोई search ही नहीं कर रहा है तो आपकी post को पढ़ने audience ही नहीं आने वाली। इसीलिए हमे हमेशा कोई भी पोस्ट लिखने से पहले keyword research करनी चाहिए जिससे हमे की आपकी audience किस topic को search  कर रही है।

focus Keyword कैसे use करें ?

Focus Keyword सही तरीके से use करने के लिए आप Yoast SEO या All In One SEO plugins का use कर सकतें हैं.

On-Page SEO Focus Keyword

 

यह screenshot Yoast SEO Plugin का है.  आप देख सकते है की मैंने यहाँ पर अपना focus keyword “On-Page SEO” रखा है. आप जैसे ही इधर अपना focus keyword डालेंगे तो यह plugin आपको guidelines देदेगा की कैसे use करना है.

आप देख सकते है की मेरी पोस्ट में focus keyword optimized है. मैं अपनी tips share कर हूँ जिसे आप जरूर implement करें।

  • अपने Focus Keyword को अपनी post के Title के जरूर use करें।
  • अपनी keyword density (मतलब आपने अपने keyword को कितनी बार use है) को 2-3% ही रखें।
  • Focus Keyword को अपनी post के URL में जरूर use करें।

 3. Heading Tags

Heading Tags आपकी पोस्ट के लिए important होते हैं क्यूंकि जब आप कोई long content लिखतें है तो उसे छोटे छोटे parts में break करना acha होता hai.  अगर आपका content small parts में divided होगा तो search engine आपके content को बेहतर तरीके से समझ पायेगा और जान पायेगा की कौनसी चीज़ ज्यादा important है.

हम अपनी post में H1 (Heading 1)से H6 (Heading 6) तक use कर सकते है. ऐसी बहुत सारी WordPress Themes होती है जिसमे आपकी post का Title ही H1 Tag होता है तो आपको H1 Tag को use नहीं करना पड़ता है.

Heading Tags In On-Page SEO

 

आप देख सकतें है की मैंने किस तरह heading tags का use करके अपने content को small parts में divide किया है. अपने Title Tag/H1 और H2 Tag में अपने focus keyword को use जरूर करें इससे कुछ हद तक ranking में फायदा होता है. 

4. SEO For Images

अपनी post में सही relevant images use करना, आपकी वेबसाइट पर का user experience को enhance करता है और जो time वो spent करते आपके blog पर उसे भी increase करता है जिससे आपका bounce rate कम होता है और ranking में आसानी होती है.

Image SEO और Image Optimization क्या  है?

अपनी images का size reduce करना बिना उसकी quality को ख़राब किए ही image optimization होता है। अगर हमारी images का size कम होता है तो हमारा page fast load होता है और website की speed बढ़ती है।

Image SEO में  images का SEO करते  जिससे की हमारी images Google और दूसरे search engines में rank कर सके।

Image SEO आपके blog के लिए important क्यों है?

जब भी हम कुछ Google पर search करते है तो Google “Universal Search” algorithm के हिसाब से results दिखता है।

लेकिन पहले ऐसा नहीं था, पहले अगर कोई  भी term Google पर search किया जाता था तो Google बस उन्ही websites का results show करता था जो उस search query  मिलती है जिससे की competition बहुत ही low था.

अब Google “Universal” results  दिखाता है जिसमे की images, videos, news, books, products सब show होते है. इसलिए images का SEO करना जरुरी है जिससे की हमारी ब्लॉग की images भी Google  में rank कर सकें।

Google Images In SEO

 

Images का SEO कैसे करें ?

Images का SEO करना बहुत ही आसान है। इसके लिए आप Yoast SEO Plugin का use भी  सकते है।

  • आप अपने content  में वो image use करें जो आपके Text/Content से match करता हो।
  • अपनी image की size को compress करें।
  • Image के लिए एक अच्छा नाम use करें।
  • हो सके तो Image का caption जरूर डालें। उसको describe करें, इससे search engine उसे अच्छे से समझ पायेगा।
  • अपनी images  को right या centre में ही align करें।
  • जो जो image आपने अपने  blog post में use की है उसका ALT TEXT जरूर डालें। ALT-TEXT में अपने focus keyword को use karna न भूलें।

 

Alternative Text In On-Page SEO

5. Internal Linking

जब हम अपनी blog post में अपने ही blog के किसी दूसरे blog post को link करते हैं तो उसे Internal Linking कहते है।

Internal Linking क्यों जरूरी है?

Internal Linking हमारे blog को एक proper structure देने में मदद करता है और link equity को अच्छा करता है।

Link Equity एक concept  है जो लिंक के प्रभाव से किसी पेज को रैंक करने की क्षमता बताती है। Internal Linking की importance समझने के बाद मैंने इसे Google पर और रिसर्च किया और Moz.com के हिसाब जो मैंने जाना वो मै आपको simple words में समझाता हूँ.

Search Engine को आपकी वेबसाइट का content देखने की आवश्यकता होती है ताकि वे search engine में लिस्ट हो सकें और rank हो सकें। इसके लिए आपके pages का crawlable link structure जरूर होना चाहिए, मतलब आपके pages दूसरे pages से internally connected होने चाहिए। इससे होगा यह की Google का spider आपके सभी pages को access  कर पायेगा और वो सब pages Google में index हो सकेंगे।

इसीलिए Internal Linking जरूरी होती है।

Internal Linking कैसे करें?

जब आप “Anchor Text” use करके Internal Linking करते हैं तो वो सबसे अच्छा और effective होता है।

Anchor Text क्या होता है ?

Anchor Text hyperlink (हाइपरलिंक) में दिखाई देने वाला, क्लिक करने योग्य text होता है।

जैसे की मैं आपको एक example देता हूँ.

“मैंने एक article बनाया है जिसमे मैंने बताया है की हम rozdhan app से पैसे  कैसे कमा सकतें हैं

Anchor Text In On-Page SEO

जैसा की आप screenshot में देख  सकतें हैं की मैंने कैसे Anchor Text को use करके internal linking किया है।

ahref structure

ऊपर वाले example में आप देख  सकतें है की “PickHisBrain” मेरा anchor text है और “www.pickhisbrain.com” मेरा टारगेट लिंक है।

SEO-Friendly Anchor Text बनाने के लिए आप यह tips फॉलो कर सकतें।

  • आपका anchor text हमेशा accurate और to the point होना चाहिए। Accurate मतलब ऐसे words use करें जिससे user समझे की आपका लिंक किस बारे  में है और उस पर click कर सके।
  • आपका anchor text बिलकुल relevant होना चाहिए जिस पेज से आपने उसको लिंक किया है।
  • Google की Penguin Algorithm Update के बाद, Google anchor text में use किये हुए keywords पर ज्यादा ध्यान देने लगा है. अपने anchor text में कीवर्ड डेंसिटी का ध्यान रखें। अपने anchor text को same न रखें नहीं तो Google को वो link suspicious या spam भी लग सकता है।

6. Post Length

Post length का मतलब होता है आपने अपनी post में कितने words की लिखी है।

जब भी आप कोई पोस्ट लिखें तो उसे हमेशा simple, comprehensive और user जिस information के लिए सर्च कर रहा है उसी के according अपना पोस्ट लिखें। सिर्फ words बढ़ाने के लिए  कुछ भी डिटेल्स न डालें।

एक strategy जो मैं हमेशा follow करता हूँ अपना आर्टिकल लिखते वक़्त की मैं जिस किसी टॉपिक पर लिख रहा हूँ उसको मैं हमेशा Google पर सर्च करता हूँ और टॉप 10 articles जो Google पर रैंक कर रहे है उन्हें हमेशा देखता हूँ और यह पता लगता हूँ ऐसी कोनसी information जो उन्होंने अपने article में cover नहीं की है।

इससे मैं अपने आर्टिकल में वो सारी information जोड़ देता हूँ जिससे मेरा आर्टिकल detailed और comprehensive बनता है।

एक और tip जो आप फॉलो कर सकते है की जो टॉप 10 रैंकिंग articles हैं Google पर, उनके आप words देखें और उन  articles से ज्यादा words अपने article में लिखें। मतलब की उन articles से अपना article लम्बा लिखें। इससे आपकी पोस्ट के रैंक होने  के chances बढ़ जायेंगे।

और SEO के लिए अपना article 300 words से ज्यादा का ही लिखें।

7. Meta Description

Meta Description 160 characters का एक snippet  होता है जिसमे हम अपने कंटेंट को summarise करते है।

मैं आपको एक example देकर समझाता हूँ।

Meta description Of Google

जैसा की आप देख सकते है की यह Google का meta description है। ऐसे ही आपके blog/post का meta description होता है। इसमें आप अपने पोस्ट की summary लिख सकते हो।

Google यह snippet सर्च रिजल्ट्स में इसीलिए  दिखाता है जिससे visitors को पता चल सके की आपका webpage किस बारे में है।

अगर हम Meta Description की  बात करें तो यह हमारी रैंकिंग के लिए इतना ज्यादा जरूरी नहीं होता लेकिन हाँ, यह हमरा CTR (Click Through Rate) बढ़ाने में जरूर मदद करता है।

अगर Meta Description हमारी रैंकिंग के लिए जरूरी नहीं होता तो आखिर हम इसे use क्यों करें?

आपका Meta Description भले ही रैंकिंग में मदद नहीं करता हो लेकिन यह आपको अच्छे conversions दे सकता है।

क्यूंकि अगर आप अपना meta description उस ढंग से लिख रहे हो की visitor देखते ही समझ जाये की आपने सभी जानकारी दी है जो वो सर्च कर रहा है तो वो आपके लिंक पर जरूर क्लिक  करेगा और आपके ब्लॉग पर ज्यादा ट्रैफिक आएगा।

जैसे की मैं आपको इस पोस्ट का meta description  बनाके  बताता हूँ।

Yoast SEO Meta Description

आप देख सकतें है की मैंने कैसे Yoast SEO Plugin का इस्तेमाल करके अपना Meta Description लिखा है. आप भी इसी तरह अपने Meta Description को लिख सकते है. लेकिन इसको लिखते वक़्त कुछ चीज़ो का  जरूर ध्यान रखें। जैसे की

  • अपने Meta Description में अपने Focus Keyword को जरूर डालें।
  • Meta Description को 160 characters तक ही रखें।
  • अपने meta Description को अपने वेब पेज के content से relevant  ही लिखें।

8. Slug

Slug आपके पोस्ट के URL का एक पार्ट होता है जो की आपकी वेबसाइट पर pages को identify करने में मदद करता है।

Slug Structure In On-Page SEO

जैसे आप देख सकते है की मेरे URL में “on-page-seo-hindi” slug है। आप इससे अपनी पोस्ट लिखते वक़्त बदल सकते है। अब मैं आपके बताऊंगा की इससे SEO-Friendly कैसे करें।

  • आप अपने slug को हमेशा short और simple ही रखें।
  • अपने focus keyword को अपने slug में हमेशा use करें। जैसे की मैंने अपना focus keyword “On-Page SEO” को यूज़ किया है।
  • अपने slug में stop words को use न करें। Stop Words जैसे की ‘a’, ‘the’, और  ‘and’ . 
  • एक बार पोस्ट के publish हो जाने के बाद अपने slug को दोबारा change न करें।

Final Words

इस पूरे article में आपने जाना की On-Page SEO कैसे करते है. मैंने इस article लगभग सभी चीज़ो को बहुत ही अच्छे से समझाया है जिससे की आपको उन topics को दोबारा सर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

अगर कोई जरूरी information मुझसे छूट गयी  हो तो मुझे comment section  में कमेंट करके जरूर बताएं। इस पोस्ट अपने bloggers दोस्तों के साथ भी जरूर share करें जिससे उनको भी मदद मिल सके।

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